डिजिटल खाता
आपका बाइक और कार पार्किंग खाता, आपके फ़ोन में
ज़्यादातर पार्किंग आज भी कागज़ के रजिस्टर और कैश बॉक्स से चलती है। ParkOS वही खाता रखता है: गाड़ी, मालिक, कितना दिया, कितना बाकी है। फ़र्क बस इतना कि कुछ खोता नहीं, मिटता नहीं, और चुपके से बदला नहीं जा सकता।
किसी भी Android फ़ोन पर चलता है। न बूम बैरियर, न कंप्यूटर, न सेटअप फ़ीस।
इसके बिना आमतौर पर क्या गड़बड़ होती है
- रजिस्टर खो जाता है, भीग जाता है या पन्ना फट जाता है, और उसी के साथ किसने पैसे दिए इसका इकलौता हिसाब भी चला जाता है।
- बाइक और कार के अलग रेट, अलग-अलग स्टाफ़ को अलग-अलग याद रहते हैं।
- महीने के आखिर में कोई पक्का नहीं बता पाता कि असल में कितना नकद आया और कितना वसूला गया।
- मासिक बकाया वसूलने का मतलब है याद के भरोसे एक-एक को फ़ोन करना।
ParkOS इसे कैसे संभालता है
बाइक और कार के अलग रेट
हर गाड़ी के टाइप का रेट एक बार सेट करें। स्टाफ़ गाड़ी चुनता है, रकम पहले से सही होती है।
नकद और UPI एक ही खाते में
दोनों में से कुछ भी दो टैप में दर्ज करें। दिन का कुल अपने-आप नकद और ऑनलाइन में बँट जाता है।
नेटवर्क न हो तब भी चलता है
बेसमेंट में नेटवर्क बार-बार जाता है। एंट्री फ़ोन में सेव रहती है और नेटवर्क आते ही चली जाती है।
क्रम से नंबर वाली रसीदें
हर भुगतान की नंबर वाली रसीद बनती है, जिसे दिखा सकें, भेज सकें या प्रिंट कर सकें। कोई डुप्लीकेट पर्ची नहीं।
WhatsApp पर बकाया की याद
हर मासिक गाड़ी वाले को उसका बकाया और पेमेंट लिंक भेजें, बिना कुछ टाइप किए।
गेट पर कुछ लगाना नहीं
न बूम बैरियर, न कैमरा, न कंप्यूटर। स्टाफ़ के पास जो Android फ़ोन है, वही काफ़ी है।
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